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Google Ads Call Ads New Update: अब बदल गया है कॉल एड्स लगाने का तरीका!

OKADS | | Updated: April 4, 2026 | 1 min read
Google Ads Call Ads New Update: अब बदल गया है कॉल एड्स लगाने का तरीका!
Google Ads Call Ads New Update अब बदल गया है कॉल एड्स लगाने का तरीका!

Google Ads Call Ads में भूचाल: रातोंरात बदल गया लीड्स लाने का तरीका!

अगर आप डिजिटल मार्केटिंग या एफिलिएट मार्केटिंग की दुनिया में हैं, तो आप जानते होंगे कि एक सही कॉल आपके पूरे बिजनेस को बदल सकती है। कई बार सिर्फ एक फोन कॉल ही एक बड़ी सेल में बदल जाती है और आपके लिए सीधा मुनाफा लेकर आती है।

यही वजह है कि Google Call Ads हमेशा से ही बिजनेस के लिए सबसे तेज़ और सीधा तरीका रहे हैं, जिससे तुरंत लीड्स मिलती हैं। लेकिन अब कहानी बदल गई है! Google ने अपने Call Ads के सिस्टम में एक बहुत बड़ा अपडेट किया है, जिसने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया है।

अगर आप अभी भी पुराने तरीके से कॉल एड्स चला रहे हैं, तो सावधान! आपके एड्स या तो रिजेक्ट हो सकते हैं, या फिर वे बिल्कुल भी परफॉर्म नहीं करेंगे। इसका सीधा मतलब है – लीड्स का रुक जाना और बिजनेस का नुकसान!

तो, अगर आप Google Ads से लगातार कॉल लीड्स पाना चाहते हैं और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो इस नए सिस्टम को समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। यह सिर्फ एक अपडेट नहीं, बल्कि आपके Google Ads गेम को पूरी तरह से बदलने वाला कदम है। आइए, जानते हैं क्या बदला है और आपको क्या करना चाहिए!


पुराना तरीका: Google Call Ads कैसे काम करते थे?

पहले Google Call Ads का सिस्टम बेहद सीधा-साधा और आसान था। एडवर्टाइजर्स के पास अपने कैंपेन पर ज़्यादा कंट्रोल होता था और उन्हें सेटअप करना भी बहुत कम समय लेता था।

1️⃣ सेटअप कितना आसान था?

पहले आपको कॉल एड चलाने के लिए बस कुछ बेसिक जानकारी देनी होती थी:

  • आपका फोन नंबर
  • दो आकर्षक हेडलाइन
  • एक छोटा डिस्क्रिप्शन

बस इतना ही! आपका एड लाइव होने के लिए तैयार था। यह प्रक्रिया बेहद सरल थी और इसमें कोई खास जटिलता नहीं थी।

2️⃣ वेबसाइट URL की ज़रूरत नहीं थी!

पुराने कॉल एड्स की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि आपको अपनी वेबसाइट का URL डालना ज़रूरी नहीं था। इसका मतलब था:

  • यूजर ने आपके एड पर क्लिक किया।
  • तुरंत उसके मोबाइल का डायलर खुल गया।
  • यूजर सीधे आपको कॉल कर सकता था, बिना किसी वेबसाइट पर जाए।

इस सीधी प्रक्रिया से लीड जनरेशन बहुत तेज़ होती थी, क्योंकि यूजर को कोई अतिरिक्त स्टेप फॉलो नहीं करना पड़ता था।


Google ने यह बड़ा बदलाव क्यों किया?

Google हमेशा से यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और एडवर्टाइजर्स को ज़्यादा बेहतर नतीजे देने की कोशिश करता रहता है। यह नया अपडेट भी इसी दिशा में एक कदम है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

  • बेहतर यूजर एक्सपीरियंस: Google चाहता है कि यूजर को एड पर क्लिक करने से पहले ही पूरी जानकारी मिले। सीधे कॉल पर जाने से कई बार यूजर को पूरी जानकारी नहीं मिल पाती थी।
  • एड क्वालिटी में सुधार: अब Google चाहता है कि हर एड एक पूर्ण अनुभव दे, जिसमें सिर्फ कॉल ही नहीं, बल्कि वेबसाइट पर जानकारी भी शामिल हो। इससे एड की समग्र गुणवत्ता बढ़ती है।
  • स्पैम और कम क्वालिटी कॉल कम करना: वेबसाइट पर जाने का एक अतिरिक्त स्टेप यह सुनिश्चित करता है कि कॉल करने वाला व्यक्ति वास्तव में आपकी सेवाओं में रुचि रखता हो, जिससे अनचाही कॉल कम होती हैं।
  • ट्रैकिंग और ऑप्टिमाइजेशन: वेबसाइट पर लैंडिंग से Google और एडवर्टाइजर्स दोनों को यूजर के व्यवहार को बेहतर तरीके से ट्रैक करने और कैंपेन को ऑप्टिमाइज़ करने में मदद मिलती है।

नया तरीका: अब Google Call Ads कैसे काम करेंगे?

अब Google Call Ads एक स्टैंडअलोन एड टाइप नहीं रहे। इन्हें अब Google Search Campaigns के अंदर Call Extensions के रूप में इंटीग्रेट कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आपको एक पूरा सर्च कैंपेन बनाना होगा, जिसमें कॉल का विकल्प एक एक्सटेंशन के रूप में मौजूद होगा।

1️⃣ वेबसाइट URL अब अनिवार्य है!

यह सबसे बड़ा बदलाव है! अब बिना वेबसाइट URL के आप कॉल एड नहीं चला सकते। प्रक्रिया कुछ ऐसी होगी:

  • यूजर आपके एड पर क्लिक करेगा।
  • वह सबसे पहले आपकी वेबसाइट या लैंडिंग पेज पर जाएगा।
  • वहां उसे आपकी सेवाओं या प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।
  • वेबसाइट पर ही उसे कॉल करने का विकल्प (बटन) मिलेगा, जिस पर क्लिक करके वह आपको कॉल कर सकता है।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपको सिर्फ वही लीड्स मिलें जो आपकी पेशकश में वास्तव में रुचि रखती हैं।

2️⃣ ज़्यादा क्रिएटिव्स की ज़रूरत

चूंकि अब आपको एक पूरा Search कैंपेन बनाना है, तो आपको ज़्यादा हेडलाइन, डिस्क्रिप्शन और दूसरे एसेट्स की ज़रूरत पड़ेगी। आपको Responsive Search Ads (RSA) के फॉर्मेट के हिसाब से कई हेडलाइन और डिस्क्रिप्शन देने होंगे ताकि Google आपके एड को अलग-अलग कॉम्बिनेशन में दिखा सके।

3️⃣ कॉल एक्सटेंशन (Call Extension) का महत्व

अब कॉल की सुविधा आपके सर्च कैंपेन का एक हिस्सा बन गई है, जिसे कॉल एक्सटेंशन कहा जाता है। आपको अपने सर्च कैंपेन के अंदर कॉल एक्सटेंशन को सक्रिय करना होगा और अपना फोन नंबर डालना होगा। जब यूजर आपके एड को सर्च रिजल्ट्स में देखेगा, तो उसे आपके वेबसाइट लिंक के साथ-साथ सीधे कॉल करने का विकल्प भी दिख सकता है (डिवाइस और Google के डिस्प्ले के आधार पर)।


नुकसान या फायदा? इस बदलाव का आपके बिजनेस पर क्या असर पड़ेगा?

हर बड़े बदलाव की तरह, इसके भी कुछ शुरुआती चुनौतियां और दीर्घकालिक फायदे हैं।

संभावित चुनौतियां:

  • सीखने का समय: नए सिस्टम को समझने और लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है।
  • शुरुआती कॉल वॉल्यूम में कमी: वेबसाइट पर जाने के अतिरिक्त स्टेप के कारण, शुरुआत में सीधे कॉल की संख्या थोड़ी कम हो सकती है।
  • लैंडिंग पेज का महत्व बढ़ा: अब आपके लैंडिंग पेज को बहुत ऑप्टिमाइज़ होना पड़ेगा, ताकि यूजर वहां से कॉल करने के लिए प्रेरित हो।

बड़े फायदे:

  • बेहतर क्वालिटी की लीड्स: जो लोग आपकी वेबसाइट पर जाकर कॉल करेंगे, वे आपकी सेवाओं में ज़्यादा रुचि रखते होंगे, जिससे लीड क्वालिटी में सुधार होगा।
  • बेहतर यूजर एक्सपीरियंस: यूजर को कॉल करने से पहले पूरी जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी संतुष्टि बढ़ेगी।
  • ट्रैकिंग और ऑप्टिमाइजेशन के बेहतर अवसर: अब आप न केवल कॉल को, बल्कि वेबसाइट विजिट और वहां होने वाले दूसरे कन्वर्जनों को भी ट्रैक कर पाएंगे, जिससे कैंपेन ऑप्टिमाइज़ करना आसान होगा।
  • कन्वर्जन रेट में सुधार: बेहतर क्वालिटी की लीड्स और पूरी जानकारी के साथ आने वाले ग्राहक, अंततः आपके कन्वर्जन रेट को बढ़ाएंगे।

आपको क्या करना चाहिए? अभी अपनाएं ये कदम!

अगर आप Google Ads से लगातार लीड्स पाना चाहते हैं, तो इन बदलावों को तुरंत अपनाना होगा। यहां कुछ ज़रूरी कदम दिए गए हैं:

1️⃣ अपने पुराने Call Ads कैंपेन अपडेट करें

सबसे पहले, अपने Google Ads अकाउंट में जाएं और अपने सभी पुराने Call Ads कैंपेन की जांच करें। उन्हें नए सिस्टम के अनुसार अपडेट करें, वरना वे रिजेक्ट हो सकते हैं या काम करना बंद कर देंगे।

2️⃣ Search कैंपेन में Call Extensions का उपयोग करें

अब से, जब भी आप कॉल लीड्स चाहते हैं, तो एक सामान्य Search कैंपेन बनाएं और उसमें Call Extensions जोड़ें। सुनिश्चित करें कि आपका फोन नंबर सही हो और आप कॉल ट्रैकिंग सेट अप करें।

3️⃣ वेबसाइट और लैंडिंग पेज को ऑप्टिमाइज़ करें

चूंकि यूजर अब पहले आपकी वेबसाइट पर जाएगा, तो आपका लैंडिंग पेज बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। सुनिश्चित करें कि यह मोबाइल-फ्रेंडली हो, तेज़ी से लोड हो, और इसमें एक स्पष्ट कॉल-टू-एक्शन (CTA) हो, जैसे ‘अभी कॉल करें’ बटन।

4️⃣ ट्रैकिंग सेटअप करें

कॉल ट्रैकिंग और वेबसाइट कन्वर्जन ट्रैकिंग को सही ढंग से सेट अप करें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आपके एड्स कैसे परफॉर्म कर रहे हैं और आप उन्हें कैसे बेहतर बना सकते हैं।


निष्कर्ष: बदलाव को अवसर में बदलें!

Google Ads Call Ads में आया यह अपडेट भले ही शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लगे, लेकिन यह आपके लिए बेहतर क्वालिटी की लीड्स और ज़्यादा सफल कैंपेन का रास्ता खोलता है। यह Google के विज्ञापन प्लेटफॉर्म को और भी स्मार्ट और यूजर-सेंट्रिक बनाने की दिशा में एक कदम है।

तो, घबराएं नहीं! इन बदलावों को समझें, उन्हें अपनाएं, और अपने Google Ads कैंपेन को इस तरह से ऑप्टिमाइज़ करें कि आप अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सकें। जो इन बदलावों को जल्दी अपनाएगा, वही इस डिजिटल दुनिया में सफल होगा। आज ही अपने Google Ads अकाउंट में जाएं और इन अपडेट्स को लागू करना शुरू करें!